Bollywood script writing # 7 स्क्रिप्ट राइटिंग ड्राफ्ट

How to write a script | Career in script writing स्क्रिप्ट राइटिंग कैरियर

स्क्रिप्ट कैसे लिखे?


स्क्रिप्ट क्या होती है 

जब हम फिल्म या नाटक की स्क्रिप्ट की बात करे तो उसका मतलब है की हम स्टोरी स्क्रीनप्ले और डाइलॉग तीनों की बात कर रहे है यानि कहानी, संवाद और पटकथा को अलग-अलग कहने की जगह हम स्क्रिप्ट कहते है। यानि स्क्रिप्ट का मतलब माना जा सकता है:

स्क्रिप्ट = कहानी (story) + पटकथा (screenplay) + संवाद (dialogue)



स्क्रिप्ट के बारे में कुछ महत्वपूर्ण ? 

और अगर हम भाषा कोश ( डिक्शनरी ) मे स्क्रिप्ट का मतलब देखें तो स्क्रिप्ट का मतलब होता है “ चिन्ह “ जिनका इस्तेमाल आम भाषा मे गुप्त सूचनाए देने के लिए किया जाता है।

कुछ ऐसी गुप्त जानकारी को बताने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले चिन्ह जिनहे सिर्फ वही जान सकता है और समझ सकता है जो स्क्रिप्ट के चिन्ह को समझ सकता है। स्क्रिप्ट किसी भी भाषा में तयार की जा सकती है। और हर भाषा मे स्क्रिपटेड कंटैंट लिखा जा सकता है इसमे कोई संदेह या परेशानी नहीं है।   

पूरी दुनिया मे सेना और कई गुप्तचर विभागो मे भी स्क्रिप्ट किए गए संदेश, आदेश और भिन्न भिन्न प्रकार की सूचनाए एक जगह से दूसरी जगह या एक विभाग से दूसरे विभाग को बताने के लिए प्रयोग किए जाते है और उनको सिर्फ वही पढ़कर समझ सकता है जिसको उस स्क्रिपटेड भाषा का ज्ञान हो ऐसा बहोत पहले से होता रहा है।

अब अगर आज हम फिल्म और नाटको मे इस्तेमाल होने वाली स्क्रिप्ट के बारे मे बात करे, तो इसका उपयोग सिर्फ इतना ही है की एक्टर, डाइरेक्टर या फिल्म प्रॉडक्शन से जुड़े दूसरे विभागो (Department) के लोग अपने-अपने काम को आसानी से समझ सके और बजट को बिना प्रभावित  किए अपने काम को समय से अपना सर्वोतम (बेस्ट) देकर पूरा कर सके। स्क्रिप्ट की उपयोगिता को जान लेने से अब हम बेहतर समझ सकेंगे की फिल्म या नाटको के लिए स्क्रिप्ट लिखना क्यो जरूरी है। और इसको लिखने का सबसे सरल और सही तरीका क्या प्रचलित है और इसमे इस्तेमाल होने वाले फ़ारमैट व एलिमेंट्स कौन से है।  


स्क्रिप्ट राइटिंग एलिमेंट्स 

नए रायटर स्क्रिप्ट लिखने की सही जानकारी न होने की वजह से अक्सर अपनी स्टोरी / आइडिया का सर्वनाश करते पाये जाते है इसलिए यहा बताए गए सरलता और सही तरीके से स्क्रिप्ट लिखने का हर बार पहले से बेहतर अभ्यास कर सके ताकि अपने अंदर छुपे रायटर को दुनिया के सामने लाने की कामयाब कोशिश करने मे सफल बन सके।

मान लीजिये आपके पास कोई स्टोरी आइडिया है या पूरी स्टोरी लिखी हुई है और आप उस स्टोरी को फिल्म के रूप में दुनिया को दिखाना चाहते है तो आपको उसकी स्क्रिप्ट लिखनी ही होगी क्योकि उसके बिना प्रॉडक्शन करना बेहद मुश्किल होगा और साथ ही बजट को भी निश्चित रूप से अव्यवस्थित कर देने के लिए काफी होगा। और उसका रिज़ल्ट ये होगा की आप जो दिखाना चाहते है उसकी जगह कुछ और ही बनेगा जिसमे किसने और क्न्हा गलती की थी ये भी समझना मुश्किल हो जाएगा और इसके अलावा सबकी मेहनत और पैसे भी बर्बाद हो जाएंगे। भावनात्मक दुख जो होगा वो अलग, इस्स लिए स्क्रिप्ट की जरूरत दो कारणो से बेहद जरूरी होती है।

पहला कारण है की फिल्म या नाटक का प्रॉडक्शन सफलता से किया जा सके। सफलता से किया जा सके मे ये सब बाते शामिल है; जिसमे समाया से, बिरधारित बजट मे और जैसा रायटर ने लिखा था देखने वाला उसी भावना की अनुभूति कर सके।

और दूसरा मुख्य कारण है की एक्टर और दूसरे सभी विभाग के लोगो को अपनी बेस्ट परफॉर्मेंस दिखने का बेहतर और सरल मौका मिले जो बेहद न्याय संगत है।      


स्क्रिप्ट राइटिंग का विस्तार वीडियो ? 

फिल्मों मे या नाटको मे स्क्रिप्ट लिखने का मुख्य कारण एक्टर या डाइरेक्टर और प्रॉडक्शन टीम को परफ़ोर्म करने मे मदद करने के लिए ही लिखा जाता है ताकि एक्टर अपने डाइलॉग और एक्शन और रिएक्शन को जाने और डाइरेक्टर और प्रॉडक्शन टीम उसकी प्रस्तुति के लिए रचनात्मक और सरलता से बनाने मे कम से कम बजट मे पेश करने की तयारी कर सके। इसके अलावा स्क्रिप्ट का और कोई खास काम नहीं है। एक रेकॉर्ड के लिए इसको हर जगह दिखाया भी जा सकता है की स्क्रिप्ट मे क्या लिखा गया है जिसका व्यापारिक इस्तेमाल मे जरूरी हो सकता है। 

How to write script for bollywood films

 

सिनोप्सिस लिखने के लिए एलिमेंट्स   

स्क्रिप्ट लिखने के लिए नए रायटर को स्क्रिप्ट के एलिमेंट्स और ड्राफ्ट का ज्ञान होना बेहद जरूरी है और इन दो चीजों के बिना स्क्रिप्ट राइटिंग करना असंभव है। इसलिए आइये अब जान लेते है की  स्क्रिप्ट के एलिमेंट्स और स्क्रिप्ट के ड्राफ्ट कौन कौन से है जो इस्तेमाल मे लाये जाते है और साथ ही समझेंगे स्क्रिप्ट की ड्राफ्टिंग के बारे मे ताकि आप अपनी पहली स्क्रिप्ट लिखने की शुरुआत कर सके। इसको आप सरलता से समझ सके इसी को ध्यान मे रखकर इस पुस्तक को लिखा गया है। आगे बढ्ने से पहले ये भी समझ लेना जरूरी है की रायटर को रचनाकार क्यू कहा जाता है? जीवन के दो पहलू है एक यथार्थ और दूसरा कल्पना और इनको व्यक्त करने के लिए माध्यम है विचार और अभिव्यक्ति जिसे रायटर की भाषा मे समझे तो डाइलॉग और रिएक्शन। दरअसल एक सच ये है की इंसान सदा से ही कुछ नया जानने की कोशिश मे उत्सुक रहा है और इस नए को जानने के लिए ही वह खोज करता है और अपने विचार व्यक्त करता है दुनिया मे जितनी भी बाते हम जान सके है वो किसी ने जानी फिर अपने विचार को लिखकर दूसरों को बताया। तो एक रायटर को लिखते समय जरूरी है की वो अपनी कल्पना और अपने विचारो का समंजस्य बनाए रखे ताकि श्रंखला का क्रम टूटे ना और उसका मैसेज सही तरीके से अपने गंतव्य तक सरलता से दर्शक की भावनाओ को अनुभूति दे सके।  



स्क्रिप्ट राइटिंग एलिमेंट्स   

स्क्रिप्ट राइटिंग के लिए मुख्यता 6 एलिमेंट्स को इस्तेमाल किया जाता है जिनको एक नए रायटर को शुरुआत मे ही जान लेना चाहिए जिनको क्रमशा नीचे लिखा गया है


1. सलग लाइन या सीन हेयडिंग
2. एक्शन या कार्य
3. कैरक्टर या चरित्र 
4. डाइलॉग या संवाद 
5. परंथेटिकल या श्ंडिक ( उस पल मे )
6. ट्रैनजिशन या माध्यमिक का समय 

स्क्रिप्ट लिखने के लिए इन 6 एलिमेंट्स को ही इस्तेमाल किया जाता है और हर रायटर इन एलिमेंट्स से ही अपनी स्क्रिप्ट को लिखता है। तो सबसे पहले आपको ये समझ लेना जरूरी है की  इन 6 एलिमेंट्स को जिस क्रम मे ऊपर लिखा गया है उसी क्रम मे ही स्क्रिप्ट लिखते समय इनको लिखा जाता है। यानि सबसे पहले सलग लाइन, फिर एक्शन, फिर कैरक्टर, फिर डाइलॉग उसके बाद परेंथेटिकल और सबसे आखिर मे ट्रैनजिशन। 


राइटर को जानना जरुरी है   
स्क्रिप्ट लिखने के लिए सही तरीके को जाने।  
सही प्रोफेशनल ड्राफ्ट ना लिखने से आपको बिज़नेस नहीं मिलेगा। 
प्रोफेशनल राइटिंग जानना आपका सबसे अच्छा हथियार बनेगा अपने राइटिंग बिज़नेस को अपडेट रखे 
   


अच्छा राइटर राइटिंग बिज़नेस को समझता है   
जैसा मैने पहले कहा की सफल राइटर राइटिंग बिज़नेस को भी समझते है वो सिर्फ अपने लिखे को ही पसंद नहीं करते बल्कि राइटिंग बिज़नेस के लिए जैसा लिखना जरुरी है उसको भी पसंद करते है।  

 अनुभव   
आपको राइटिंग करने को राइटिंग बिज़नेस का अनुभव लेना ही मानकर ही लिखते रहना चाहिए।