Script writing Career Intro | स्क्रिप्ट राइटिंग परिचय



How to start professionally

How to start to become a scriptwriter in Bollywood India.

Scriptwriting # 1 

 स्क्रिप्ट राइटिंग कैरियर शुरुआत से पहले जान ले । 

मै पृथ्वीराज बतौर इंडियन रायटर, डाइरेक्टर और प्रोड्यूसर असोशिएशन से 14 सालो से जुड़कर एक कंसल्टेंट के रूप मे लेखन और प्रशिक्षण के बिज़नस मे कार्यरत हूँ और नए एक्टर, रायटर, डाइरेक्टर और प्रोड्यूसर को सलहकार और प्रशिक्षण देने का काम करते आ रहे है। इस ब्लॉग को लिखने का उद्देश्य भी नए रायटर को स्क्रिप्ट राइटिंग की सही और आसान तरीके से लेखने की जानकारी देना ही है इस पुस्तक मे आपको फिल्म स्क्रिप्ट राइटिंग करने की पूरी जानकारी ड्राफ्ट टूल्स और एलिमेंट्स के साथ साथ स्क्रिप्ट राइटिंग मे करीर शुरू करने के तरीके को भी समझने का अवसर मिलेगा। 

स्क्रिप्ट राइटिंग परिचय

जब हम फिल्म या नाटक की स्क्रिप्ट की बात करे तो उसका मतलब है की हम स्टोरी स्क्रीनप्ले और डाइलॉग तीनों की बात कर रहे है यानि कहानी,

स्क्रिप्ट = कहानी (story) + डाइलॉग (Dialogue) + स्क्रीनप्ले (Screenplay)


और अब अगर हम भाषा कोश ( डिक्शनरी ) मे स्क्रिप्ट का मतलब देखें तो स्क्रिप्ट का मतलब होता है “ चिन्ह “ जिनका इस्तेमाल आम भाषा मे गुप्त सूचनाए देने के लिए किया जाता है।

कुछ ऐसी गुप्त जानकारी को बताने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले चिन्ह जिनहे सिर्फ वही जान सकता है और समझ सकता है जो स्क्रिप्ट के चिन्ह को समझ सकता है। स्क्रिप्ट किसी भी भाषा में तयार की जा सकती है। और हर भाषा मे स्क्रिपटेड कंटैंट लिखा जा सकता है इसमे कोई संदेह या परेशानी नहीं है।   

पूरी दुनिया मे सेना और कई गुप्तचर विभागो मे भी स्क्रिप्ट किए गए संदेश,

अब अगर आज हम फिल्म और नाटको मे इस्तेमाल होने वाली स्क्रिप्ट के बारे मे बात करे,

नए रायटर स्क्रिप्ट लिखने की सही जानकारी न होने की वजह से अक्सर अपनी स्टोरी / आइडिया का सर्वनाश करते पाये जाते है इसलिए यहा बताए गए सरलता और सही तरीके से स्क्रिप्ट लिखने का हर बार पहले से बेहतर अभ्यास कर सके ताकि अपने अंदर छुपे रायटर को दुनिया के सामने लाने की कामयाब कोशिश करने मे सफल बन सके।

मान लीजिये आपके पास कोई स्टोरी आइडिया है या पूरी स्टोरी लिखी हुई है और आप उस स्टोरी को फिल्म के रूप में दुनिया को दिखाना चाहते है तो आपको उसकी स्क्रिप्ट लिखनी ही होगी क्योकि उसके बिना प्रॉडक्शन करना बेहद मुश्किल होगा और साथ ही बजट को भी निश्चित रूप से अव्यवस्थित कर देने के लिए काफी होगा। और उसका रिज़ल्ट ये होगा की आप जो दिखाना चाहते है उसकी जगह कुछ और ही बनेगा जिसमे किसने और क्न्हा गलती की थी ये भी समझना मुश्किल हो जाएगा और इसके अलावा सबकी मेहनत और पैसे भी बर्बाद हो जाएंगे। भावनात्मक दुख जो होगा वो अलग,

पहला कारण है की फिल्म या नाटक का प्रॉडक्शन सफलता से किया जा सके। सफलता से किया जा सके मे ये सब बाते शामिल है;

और दूसरा मुख्य कारण है की एक्टर और दूसरे सभी विभाग के लोगो को अपनी बेस्ट परफॉर्मेंस दिखने का बेहतर और सरल मौका मिले जो बेहद न्याय संगत है।  

फिल्मों मे या नाटको मे स्क्रिप्ट लिखने का मुख्य कारण एक्टर या डाइरेक्टर और प्रॉडक्शन टीम को परफ़ोर्म करने मे मदद करने के लिए ही लिखा जाता है ताकि एक्टर अपने डाइलॉग और एक्शन और रिएक्शन को जाने और डाइरेक्टर और प्रॉडक्शन टीम उसकी प्रस्तुति के लिए रचनात्मक और सरलता से बनाने मे कम से कम बजट मे पेश करने की तयारी कर सके। इसके अलावा स्क्रिप्ट का और कोई खास काम नहीं है। एक रेकॉर्ड के लिए इसको हर जगह दिखाया भी जा सकता है की स्क्रिप्ट मे क्या लिखा गया है जिसका व्यापारिक इस्तेमाल मे जरूरी हो सकता है।

स्क्रिप्ट लिखने के लिए नए रायटर को स्क्रिप्ट के एलिमेंट्स और ड्राफ्ट का ज्ञान होना बेहद जरूरी है और इन दो चीजों के बिना स्क्रिप्ट राइटिंग करना असंभव है। इसलिए आइये अब जान लेते है की  स्क्रिप्ट के एलिमेंट्स और स्क्रिप्ट के ड्राफ्ट कौन कौन से है जो इस्तेमाल मे लाये जाते है और साथ ही समझेंगे स्क्रिप्ट की ड्राफ्टिंग के बारे मे ताकि आप अपनी पहली स्क्रिप्ट लिखने की शुरुआत कर सके। इसको आप सरलता से समझ सके इसी को ध्यान मे रखकर इस पुस्तक को लिखा गया है। आगे बढ्ने से पहले ये भी समझ लेना जरूरी है की रायटर को रचनाकार क्यू कहा जाता है

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